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शेयर बाजार आज: सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार चौथे दिन तेजी, जानें पूरी रिपोर्ट (17 जून 2026)

Sensex Nifty Share Market Today 17 June 2026 Update

Reported by Tanvi Pandey and edited by Tanvi Pandey

देश के शेयर बाजार में आज यानी 17 जून 2026 को निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ने अपनी तेजी की रफ्तार को बरकरार रखते हुए लगातार चौथे कारोबारी दिन बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले बने सकारात्मक माहौल ने दलाल स्ट्रीट के सेंटीमेंट को सहारा दिया। आइए जानते हैं आज के कारोबारी सत्र की पूरी रिपोर्ट, जिसमें निफ्टी-सेंसेक्स के हाई-लो स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की हलचल तक सब कुछ शामिल है।

निफ्टी और सेंसेक्स: आज के हाई-लो आंकड़े

बात करें आंकड़ों की, तो निफ्टी 50 इंडेक्स 96.55 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,085.70 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 24,100 का मनोवैज्ञानिक स्तर भी पार किया, जो आज के सत्र का सबसे ऊंचा स्तर रहा। दूसरी ओर, सेंसेक्स ने भी दमदार प्रदर्शन किया और 347.14 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ 77,155.62 पर सेटल हुआ, यानी इसमें 0.45 प्रतिशत का इजाफा देखा गया।

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 77,111 और निफ्टी 24,079 के आसपास कारोबार कर रहा था, और दिन चढ़ने के साथ-साथ खरीदारी का जोर बढ़ता गया। हालांकि सत्र के आखिरी हिस्से में ऊंचे स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली, जिससे दिन के सबसे ऊंचे स्तर से दोनों इंडेक्स थोड़ा नीचे आकर बंद हुए। बावजूद इसके, दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर मजबूती से टिके रहे, जो बाजार की अंदरूनी मजबूती का संकेत देता है।

यह लगातार चौथा सत्र था जब बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इससे पहले 16 जून को सेंसेक्स 544 अंक उछलकर 23,989 के स्तर पर निफ्टी के साथ बंद हुआ था, जबकि 15 जून को अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खबर से बाजार में जोरदार तेजी आई थी और सेंसेक्स 736 अंक चढ़ा था। इस तरह बीते चार दिनों में निवेशकों की संपत्ति में लगातार इजाफा हुआ है।

इंडिया VIX, जो बाजार की अस्थिरता मापने वाला सूचकांक है, आज 1.35 प्रतिशत गिरकर 13.18 के स्तर पर आ गया, जो पिछले तीन महीनों के सबसे निचले स्तरों के करीब है। यह दर्शाता है कि निवेशकों में घबराहट कम हुई है और बाजार में स्थिरता बढ़ी है।

मिडकैप-स्मॉलकैप का प्रदर्शन रहा बेहतरीन

आज सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिड और स्मॉल कैप शेयरों ने भी बाजी मारी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 0.5 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेंचमार्क इंडेक्स को भी पीछे छोड़ दिया। बाजार की चौड़ाई यानी मार्केट ब्रेड्थ भी ज्यादातर समय सकारात्मक बनी रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक स्तर पर निवेशकों की भागीदारी देखी गई।

कौन से सेक्टर रहे आज के हीरो

सेक्टोरल मोर्चे पर देखा जाए तो आज पीएसयू बैंक, आईटी, डिफेंस और मेटल शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी के 16 प्रमुख सेक्टरों में से 10 सेक्टर बढ़त के साथ बंद हुए। रिटेल, मेटल और डिफेंस से जुड़े शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी ज्यादा रही, जबकि ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

आज के टॉप गेनर्स और लूज़र्स

निफ्टी 50 इंडेक्स में आज सबसे ज्यादा फायदे में रहने वाला शेयर रहा रिटेल कंपनी ट्रेंट, जिसमें 7.25 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया और यह 3,108 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स यानी BEL के शेयर में 3.55 प्रतिशत और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 2.70 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। मेटल शेयरों में मजबूती बनी रही, जिसमें हिंडाल्को के साथ टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील भी बढ़त के साथ बंद हुए। इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियां एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई।

दूसरी ओर, टीवीएस मोटर कंपनी के शेयर आज सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल रहे, जिसमें 8.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 361.70 रुपए के स्तर पर आ गया। ब्रॉडर मार्केट में रियल एस्टेट कंपनी ब्रिगेड एंटरप्राइजेज के शेयर में सुबह के कारोबार में करीब 21 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 569.25 रुपए पर आ गया। गुजरात स्टेट पेट्रोनेट के शेयर में भी 7.13 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो ऊर्जा क्षेत्र में कुछ कंपनी-विशेष चुनौतियों का संकेत देता है। आईटी सर्विसेज कंपनी सायएंट के शेयर में भी करीब 5.38 प्रतिशत की कमजोरी रही।

FII और DII की गतिविधि

संस्थागत निवेशकों के मोर्चे पर 16 जून के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से करीब 749.18 करोड़ रुपए की निकासी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी बेहद मामूली रही। इसके बावजूद घरेलू खुदरा और संस्थागत भागीदारी की मजबूती के चलते बाजार पर इसका कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं दिखा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार: अमेरिकी फेड के फैसले पर सबकी नजर

आज दुनिया भर के निवेशकों की निगाहें अमेरिका के फेडरल रिजर्व पर टिकी हुई हैं। नए फेड चेयरमैन केविन वार्श अपनी पहली नीतिगत बैठक में आज ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाले हैं, और इसके बाद वह अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। CME फेडवॉच टूल के मुताबिक बाजार को करीब 97 प्रतिशत भरोसा है कि फेड ब्याज दरों को 3.50 से 3.75 प्रतिशत की मौजूदा रेंज में बनाए रखेगा। हालांकि असली फोकस इस बात पर रहेगा कि वार्श महंगाई और रोजगार बाजार को लेकर आगे की दिशा में क्या संकेत देते हैं।

इससे पहले मंगलवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला था। डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज लगातार दूसरे दिन रेकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ और 328.64 अंक यानी 0.64 प्रतिशत चढ़कर 51,999.67 के स्तर पर पहुंच गया। लेकिन इसके उलट टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के दबाव में एसएंडपी 500 इंडेक्स 42.94 अंक यानी 0.57 प्रतिशत गिरकर 7,511.35 पर आ गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 307.60 अंक यानी 1.15 प्रतिशत टूटकर 26,376.34 के स्तर पर बंद हुआ। निवेशकों ने टेक शेयरों से पैसा निकालकर बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों में लगाया। बुधवार सुबह के कारोबार में अमेरिकी फ्यूचर्स में हल्की रिकवरी देखने को मिली, जिसमें नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में सबसे ज्यादा मजबूती दिखी।

इसके अलावा अमेरिकी बाजार में एक और बड़ी खबर रही स्पेसएक्स के शेयरों की, जिनमें आईपीओ के बाद लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली और कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन अमेजन के करीब पहुंच गया।

एशियाई बाजार और कच्चे तेल की कीमतों का हाल

एशियाई बाजारों में भी आज मिला-जुला रुझान देखा गया, जिसमें ज्यादातर निवेशक अमेरिकी फेड के फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए थे। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी इस हफ्ते की सबसे बड़ी खबर रही। ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई और यह पिछले तीन महीनों के सबसे निचले स्तर के करीब कारोबार कर रही है। पिछले एक महीने में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 29 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।

इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह है अमेरिका और ईरान के बीच होने वाला संभावित शांति समझौता, जिसे स्विट्जरलैंड में अंतरिम रूप से इस हफ्ते अंत तक साइन किया जा सकता है। इस समझौते के तहत ईरान को तुरंत अपना तेल निर्यात फिर शुरू करने की छूट मिल सकती है, और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों के लिए प्रतिबंधों में भी ढील दी जा सकती है। इससे वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा भारत जैसे तेल आयातक देशों को महंगाई के मोर्चे पर मिल सकता है।

कच्चे तेल की सस्ती कीमतों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है, क्योंकि इससे आयात बिल कम होता है, महंगाई पर दबाव घटता है और कंपनियों की उत्पादन लागत में कमी आती है। यही वजह है कि बीते चार कारोबारी दिनों से घरेलू बाजार में लगातार तेजी का माहौल बना हुआ है।

आगे क्या? बाजार के लिए आउटलुक

बाजार जानकारों का मानना है कि अल्पकालिक रूप से निफ्टी और सेंसेक्स की चाल अब काफी हद तक अमेरिकी फेड के फैसले और केविन वार्श के बयानों पर निर्भर करेगी। अगर फेड का रुख नरम यानी डोविश रहता है, तो इससे वैश्विक बाजारों में और तेजी आ सकती है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा। दूसरी ओर, अगर फेड आगे ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत देता है, तो इससे बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।

घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर आगामी तिमाही नतीजों, मानसून की प्रगति और एफआईआई के रुख पर बनी रहेगी। फिलहाल इंडिया VIX का तीन महीने के निचले स्तर पर आना यह संकेत देता है कि बाजार में अल्पकालिक भरोसा मजबूत बना हुआ है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, 17 जून 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए एक और सकारात्मक दिन साबित हुआ, जिसमें निफ्टी ने 24,085 और सेंसेक्स ने 77,155 के स्तर को छूते हुए लगातार चौथे दिन बढ़त दर्ज की। सस्ते कच्चे तेल और बेहतर सेक्टोरल भागीदारी ने इस तेजी को सहारा दिया, जबकि अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर सबकी नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आज होने वाले फैसले पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक इन्हीं वैश्विक संकेतों से तय होगी।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से तैयार किया गया है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

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